खुली बस की खिड़की से आती ठंडी वसंत की हवा और गीली मिट्टी की हल्की-सी खुशबू ने बोडरम से शुरू हुई यात्रा का माहौल बना दिया। मैंने और मेरे साथी ने यह टूर मुख्य रूप से तस्वीरें खींचने के लिए बुक किया था, और इसने हमारी उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरकर दिखाया। देर दोपहर की रोशनी में पामुक्कले की सफेद सीढ़ीनुमा चट्टानें लगभग अवास्तविक लग रही थीं, और गाइड ने धैर्यपूर्वक हमें सही कोण और खड़े होने के सुरक्षित स्थान सुझाए, ताकि पानी के कुंड और दूर की पहाड़ियाँ दोनों तस्वीरों में आ सकें। हिरापोलिस में हम धीरे-धीरे रोमन थिएटर की सीढ़ियाँ चढ़े; ऊपर से घाटी का नज़ारा वाइड-एंगल तस्वीरों के लिए एकदम सही था। खुले बुफे में दोपहर का भोजन ठीक-ठाक था, खास नहीं, लेकिन आगे बढ़ते रहने के लिए पर्याप्त था। प्रवेश द्वार पर टिकट लेने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ा, फिर भी ट्रैवर्टीन चट्टानों पर पड़ते सूर्यास्त के रंग—जो हल्के नीले से बदलकर कोमल गुलाबी हो रहे थे—इसकी पूरी भरपाई कर रहे थे।